मौलाना हसरत मोहानी की 150वीं जयंती पर आज भी गूंजता है ‘इंक़लाब ज़िंदाबाद’।
'इंक़लाब ज़िंदाबाद’ का नारा देने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और शायर मौलाना हसरत मोहानी की 150वीं जयंती आज देश भ

मौलाना हसरत मोहानी की 150वीं जयंती पर आज भी गूंजता है ‘इंक़लाब ज़िंदाबाद’।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
लखनऊ, 2 जनवरी।
‘इंक़लाब ज़िंदाबाद’ का नारा देने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और शायर मौलाना हसरत मोहानी की 150वीं जयंती आज देश भ
र में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई।
उनका जीवन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन, सामाजिक न्याय और साहित्य के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ गया।
मौलाना हसरत मोहानी न केवल एक निर्भीक क्रांतिकारी थे, बल्कि उर्दू अदब के प्रतिष्ठित शायर भी थे।
उन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाई और कई बार जेल गए, लेकिन अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
उनका दिया हुआ नारा ‘इंक़लाब ज़िंदाबाद’ आज भी अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बना हुआ है।
उनके विचारों, संघर्षों और योगदान को याद करके आज की पीढ़ी भी उनसे प्रेरणा प्राप्त करती है।




